Naya ↔ पुराना
पुरानी परंपराओं को त्यागकर समाज ने नए विचारों को अंगीकार किया है।
पुराने अनुभव और नई सोच का संगम ही किसी भी कार्य में सफलता दिलाता है।
Showing entries 1–50 of 286 Hindi antonym entries transliterated starting with 'P'.
Naya ↔ पुराना
पुरानी परंपराओं को त्यागकर समाज ने नए विचारों को अंगीकार किया है।
पुराने अनुभव और नई सोच का संगम ही किसी भी कार्य में सफलता दिलाता है।
Mota ↔ पतला
नियमित व्यायाम करने से मोटा व्यक्ति भी पतला और स्वस्थ हो सकता है।
पतला धागा भी जब मिलकर रस्सी का रूप लेता है तो भारी बोझ उठाने में सक्षम होता है।
Pavitra ↔ अपवित्र
मंदिर का वातावरण पवित्र होता है, किसी भी कुकृत्य से उसे अपवित्र न करें।
अपवित्र भावनाएं व्यक्ति के आंतरिक तेज को क्षीण कर देती हैं, जबकि पवित्र विचार उसे आलोकित करते हैं।
Pratyaksh ↔ अप्रत्यक्ष
प्रत्यक्ष प्रमाण के सामने परोक्ष या अप्रत्यक्ष तर्कों का कोई मूल्य नहीं रह जाता।
माता-पिता का स्नेह अप्रत्यक्ष रूप से हर संकट में हमारी रक्षा करता है।
Praacheen ↔ अर्वाचीन
प्राचीन काल के ऋषि-मुनियों का ज्ञान आज के अर्वाचीन विज्ञान से भी कहीं आगे था।
अर्वाचीन काल की आधुनिक तकनीकें प्राचीन ज्ञान के साथ मिलकर नवक्रांति ला रही हैं।
Puraatan ↔ नूतन
पुरातन रूढ़िवादिता को छोड़कर नूतन प्रगतिशील सोच अपनाना ही विकास का मूलमंत्र है।
वसंत में प्रकृति नूतन परिधान धारण कर हरियाली और नवऊर्जा से भर उठती है।
Gaadha ↔ पतला
दूध को उबालकर गाढ़ा किया जाता है, जबकि अधिक पानी मिलाने से वह पतला हो जाता है।
पतला धागा भी जब मिलकर रस्सी का रूप लेता है तो भारी बोझ उठाने में सक्षम होता है।
Swatantra ↔ परतंत्र
स्वतंत्र देश का नागरिक सिर उठाकर जीता है, जबकि परतंत्र समाज दासता की बेड़ियों में जकड़ा रहता है।
परतंत्र व्यक्ति स्वर्ण के पिंजरे में भी स्वतंत्रता के खुले आकाश के लिए तड़पता रहता है।
Anukool ↔ प्रतिकूल
अनुकूल परिस्थितियों में तो सभी सफल होते हैं, पर प्रतिकूल समय में टिकने वाला ही सच्चा वीर है।
प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य न खोना ही सच्चे साहसी और बुद्धिमान की पहचान है।
Poorna ↔ अपूर्ण
पूर्ण समर्पण से किया गया कार्य सफल होता है जबकि अपूर्ण निष्ठा विफलता लाती है।
बिना नैतिक आचरण के कोई भी ज्ञान अपूर्ण और निष्फल रह जाता है।
Rikt ↔ पूर्ण
वर्षा होने से रिक्त जलाशय जल से पूर्ण हो गए।
पूर्ण समर्पण से किया गया कार्य सफल होता है जबकि अपूर्ण निष्ठा विफलता लाती है।
Pramaanik ↔ अप्रामाणिक
इतिहासकारों ने केवल प्रामाणिक अभिलेखों को स्वीकार किया और अप्रामाणिक दंतकथाओं को खारिज कर दिया।
अप्रामाणिक सूचनाओं पर विश्वास करने से समाज में व्यर्थ की अफवाहें और अशांति फैलती है।
Praakritik ↔ कृत्रिम
प्राकृतिक आपदाओं से बचना मनुष्य के वश में नहीं, किंतु कृत्रिम प्रदूषण को रोका जा सकता है।
कृत्रिम सुगंध कुछ ही देर टिकती है, जबकि प्राकृतिक फूलों की महक वातावरण को महकाए रखती है।
Pakka ↔ कच्चा
पक्के मकान तेज आंधी का सामना कर लेते हैं जबकि कच्चे झोपड़े ढह जाते हैं।
कच्चा घड़ा पानी का भार नहीं सह पाता, भट्ठी में तपकर ही वह पक्का और उपयोगी बनता है।
Praveen ↔ अकुशल
संगीत में प्रवीण गायक सुर को साध लेता है, जिसे नौसिखिया नहीं पकड़ पाता।
अकुशल हाथों में बहुमूल्य औजार भी नष्ट हो जाते हैं, कुशलता अभ्यास से ही आती है।
Alpa ↔ प्रचुर
अल्प ज्ञान खतरनाक होता है, जबकि किसी विषय का प्रचुर ज्ञान आत्मविश्वास देता है।
वर्षा काल में प्रचुर जल मिलने से धरती शस्य-श्यामला और हरी-भरी हो जाती है।
Prakat ↔ गुप्त
सच्चाई को कितना भी छिपाओ, वह एक दिन प्रकट होकर ही रहती है।
गुप्त मंत्रणा की गोपनीयता बनाए रखना राज्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य होता है।
Prachhanna ↔ प्रकट
गांवों में प्रच्छन्न बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है जिसे तुरंत पहचानना आवश्यक है।
सत्य को लाख छिपाने का प्रयास किया जाए, वह समय आने पर स्वतः प्रकट हो जाता है।
Pramukh ↔ सामान्य
सम्मेलन में प्रमुख हस्तियों का भव्य स्वागत हुआ।
सामान्य नागरिक की देशभक्ति ही किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और संबल होती है।
Prasanna ↔ अप्रसन्न
सफलता की सूचना पाकर छात्र प्रसन्न हो गया।
छोटी-छोटी बातों पर अप्रसन्न होने की आदत व्यक्ति को चिड़चिड़ा बना देती है।
Khinna ↔ प्रसन्न
विफलता से खिन्न होने के स्थान पर नए उत्साह से प्रयास करो।
प्रसन्न चित्त व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थिति में भी सकारात्मक मार्ग खोज लेता है।
Praphulla ↔ म्लान
प्रातःकाल खिलता हुआ प्रफुल्ल कमल मन को भाता है जबकि धूप में वह म्लान हो जाता है।
ग्रीष्म की तीखी धूप में फूलों की कांति म्लान हो जाती है जिसे शाम की ओस संवारती है।
Parush ↔ कोमल
परुष वचन हृदय को छलनी कर देते हैं जबकि कोमल बोल मरहम का काम करते हैं।
फूलों की पंखुड़ियाँ कोमल होती हैं जबकि पर्वत की चट्टानें अत्यंत कठोर।
Agragaami ↔ पश्चगामी
अग्रगामी सोच राष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जाती है, पश्चगामी विचार पतन कराते हैं।
पश्चगामी सोच समाज को अंधविश्वास और कुरीतियों के गर्त में धकेल देती है।
Pragatisheel ↔ रूढ़िवादी
प्रगतिशील युवा समाज में बदलाव लाते हैं।
रूढ़िवादी परंपराओं को त्यागकर प्रगतिशील वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
Pradhaan ↔ गौण
कर्म ही मनुष्य का प्रधान धर्म है।
मुख्य उद्देश्य की सिद्धि के लिए गौण बातों पर अधिक समय व्यर्थ नहीं करना चाहिए।
Paripakwa ↔ अपरिपक्व
परिपक्व बुद्धि अनुभव से विकसित होती है, अपरिपक्व सोच जल्दबाजी में निर्णय लेती है।
अपरिपक्व निर्णय से भविष्य में गंभीर हानियों का सामना करना पड़ सकता है।
Praudh ↔ अल्पवयस्क
प्रौढ़ व्यक्ति जीवन की जटिलताओं को धैर्यपूर्वक संभालते हैं।
अल्पवयस्क बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध और उनके अधिकारों का हनन है।
Prabal ↔ दुर्बल
सच्चाई का पक्ष हमेशा प्रबल होता है, असत्य कितना भी दुर्बल क्यों न हो टिक नहीं सकता।
न्यायपूर्ण समाज में सबल व्यक्ति कभी दुर्बल पर अत्याचार नहीं करता।
Utthaan ↔ पतन
परिश्रम और एकता राष्ट्र के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करते हैं जबकि आपसी फूट पतन लाती है।
अहंकार बड़े-बड़े साम्राज्यों के पतन का प्रमुख कारण बना है।
Jay ↔ पराजय
धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने वाले की अंततः जय होती है और अधर्मी की पराजय।
साहसी खिलाड़ी पराजय से निराश होने के बजाय अपनी कमियों से सीख लेता है।
Vijay ↔ पराजय
सत्यमेव जयते — अंततः सत्य की ही विजय होती है।
साहसी खिलाड़ी पराजय से निराश होने के बजाय अपनी कमियों से सीख लेता है।
Tiraskaar ↔ पुरस्कार
सत्कर्म का पुरस्कार मिलता है जबकि दुराचार का तिरस्कार ही फल होता है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्र को पुरस्कार मिला जबकि अनुशासनहीनता पर दंड दिया गया।
Prashansa ↔ निंदा
सच्चे मित्र सामने प्रशंसा करने के बजाय पीठ पीछे भी निंदा नहीं करते।
निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छवाय — कबीरदास जी के अनुसार निंदा करने वाला व्यक्ति सुधारक होता है।
Puraskaar ↔ दंड
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्र को पुरस्कार मिला जबकि अनुशासनहीनता पर दंड दिया गया।
न्यायालय ने दोषी को कठोर दंड दिया।
Swadesh ↔ परदेश
स्वदेश की मिट्टी की खुशबू परदेश में रहने वाले प्रवासी को सदा अपनी ओर खींचती है।
परदेश में कितना भी धन मिले, स्वदेश जैसी आत्मीयता कहीं नहीं मिलती।
Aagman ↔ प्रस्थान
वसंत के आगमन से प्रकृति खिल उठती है, जबकि पतझड़ का प्रस्थान शीत का अंत करता है।
ट्रेन के प्रस्थान का समय घोषित होते ही यात्री प्लेटफॉर्म पर एकत्र हो गए।
Pravesh ↔ निकास
सभागार में प्रवेश के लिए अलग द्वार था और निकास के लिए दूसरा मार्ग।
वर्षा के जल का उचित निकास न होने से गलियों में पानी भर गया।
Pati ↔ पत्नी
गृहस्थ जीवन में पति और पत्नी गृहस्थी की गाड़ी के दो पहिये होते हैं।
सुख-दुख में साथ निभाने वाली पत्नी जीवन की सबसे मजबूत संबल होती है।
Purush ↔ स्त्री
संविधान की दृष्टि में पुरुष और स्त्री दोनों को समान अधिकार व अवसर प्राप्त हैं।
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः — जहां स्त्री का सम्मान होता है वहां देवों का वास होता है।
Maata ↔ पिता
माता का प्रेम संसार में सबसे निस्वार्थ और अनमोल माना गया है।
पिता परिवार का संबल और बालकों के भविष्य के कुशल मार्गदर्शक होते हैं।
Lekhak ↔ पाठक
लेखक अपनी कलम से समाज की विसंगतियों को उजागर करता है।
सच्चा लेखक वही है जो पाठक के हृदय को छू सके।
Swatantrata ↔ परतंत्रता
स्वतंत्रता सेनानियों के असीम बलिदान से देश को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्ति मिली।
परतंत्रता मनुष्य के आत्मसम्मान और संस्कृति को नष्ट कर देती है।
Pakshapaata ↔ तटस्थता
न्यायाधीश को किसी भी पक्षपात से ऊपर उठकर केवल साक्ष्यों के आधार पर फैसला देना चाहिए।
पंचायती न्याय में निष्पक्षता और तटस्थता की नीति अपनाने से दोनों पक्षों का विश्वास बना रहता है।
Nirvaasana ↔ पुनर्वास
तानाशाह शासक ने अपने राजनीतिक विरोधियों को देश से निर्वासन की क्रूर सजा सुनाई।
बाढ़ पीड़ितों के लिए शासन ने सुरक्षित स्थल पर नए घरों का निर्माण कर पुनर्वास कराया।
Parnparaa ↔ आधुनिकता
भारतीय विवाह समारोहों में सदियों पुरानी समृद्ध परंपरा का दर्शन सहज ही होता है।
डिजिटल तकनीक और आधुनिकता ने जीवनशैली को सुगम व त्वरित बना दिया है।
Nivaasa ↔ प्रवास
अवकाश प्राप्त करने के उपरांत उन्होंने अपने पैतृक गांव में स्थायी निवास बना लिया।
उच्च शिक्षा और रोजगार के सिलसिले में युवाओं को वर्षों तक परदेस में प्रवास करना पड़ता है।
Pravaasee ↔ मूलनिवासी
उद्योगों में काम करने वाले कई प्रवासी श्रमिक त्योहारों पर अपने पैतृक गांव लौट आते हैं।
अंडमान के द्वीपों पर रहने वाले मूलनिवासी जनजातियों की अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपरा है।
Savaaree ↔ पैदल
दफ्तर जाने के लिए उन्होंने मेट्रो ट्रेन की सवारी को सबसे तेज और सुविधाजनक विकल्प माना।
स्वास्थ्य और फिटनेस बनाए रखने के लिए प्रातःकाल पैदल चलना एक उत्तम व्यायाम है।
Prakash ↔ अंधकार
ज्ञान का प्रकाश अज्ञान के गहन अंधकार को पूरी तरह मिटा देता है।
दीपक की एक छोटी सी लौ भी घने अंधकार पर प्रकाश की विजय सुनिश्चित करती है।